Swachh Bharat Abhiyan Essay In Hindi: स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध

Swachh Bharat Abhiyan Essay In Hindi 200/300/400/500/600/1000/2000 Words  | स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध 2020 स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध 300/500/1000/ शब्द/शब्दों में | 

Swachh Bharat Abhiyan (Background) पृष्टभूमि

हमारे भारत मे 15 अगस्त,1947 की मध्य-रात्रि में आजादी हासिल की। हमारे भारत की सुन्दरता में एक नया निखार आया जो कि, स्वतंत्रता था और था स्वाभिमान का।

1991 में भारत ने, अपने नागरिको के आधुनिकीकरण के लिए,’’ आधुनिकता ’’ को अपना और हम आधुनिक भी हुए, इसमें संदेह नहीं हैं बस हमारी सारी आधुनिकता हमारे घर तक ही सीमित रही खासकर स्वच्छता से संबंधित हमारी सारी नैतिकता और आधुनिकता का परिचय केवल घर में मिली सकती हैं घर के बाहर नहीं।

हम कोई ताजा-ताजा प्रदूषण या फिर गंदगी के शिकार नही हुए हैं बल्कि ये तो हमें विरासत के तौर पर मिली हैं अब ये हम पर तय करता हैं कि, क्या हम भी अपनी आने वाली पीढ़ी को कुछ इसी तरह की विरासत देना चाहते हैं?

Swachh Bharat Abhiyan Eassy in Hindi

स्वच्छता क्या हैं?

शायद ही कोई होगा जिसे स्वच्छता का अर्थ ना पता हो या फिर वो स्वच्छता का मतलब ना समझता हो क्योंकि जहां तक इंसान का अस्तित्व हैं वहां तक स्वच्छता का भी अस्तित्व हैं। हम कह सकते हैं कि, स्वच्छता के बिना इंसान सब लहजो से पूरा होते भी बेहद अधूरा हैं और स्वच्छता ही उसके व्यक्तित्व को पूर्ण बनाती हैं।

स्वच्छता अर्थात् साफ-सफाई, घर की भी हो सकती हैं, दफ्तर की भी हो सकती हैं, आस-पड़ोस, गांव-मौहले आदि किसी कि भी हो सकती हैं क्योंकि स्वच्छता पर किसी का एकाधिकार नही हैं और ना ही किसी एक की जिम्मेदारी हैं ये हम सबका दायित्व हैं।

स्वच्छता पर गांधी जी के विचार

                        महात्मा गाँधी जी ने भारत को एक निर्मल और स्वच्छ देश बनाने का सपना देखा था। अपने सपने के संदर्भ में गाँधी जी ने कहा था कि स्वच्छता स्वतंत्रता से भी ज्यादा जरूरी है क्योंकि स्वच्छता ही स्वस्थ और शांतिपूर्ण जीवन का एक अनिवार्य भाग है।

स्वच्छता और भारत में संबंध

                     हमारे वैभव को देख, हमारे इतिहास को सुन और हमारे साहस को महसूस करके ही हमने अपने अस्तित्व को प्राप्त किया हैं और अन्तर्राष्ट्रीय मंच पर अपनी एक पहचान स्थापित कि हैं पर ये पहचान अधूरी ही नही बल्कि बेहद गंदी भी हैं क्योंकि हमारे भारत में सर्वत्र प्रदूषण हैं, गंदगी हैं, बीमारी हैं, लापरवाही हैं और साथ में हैं हमारी ये सोच,’’ मैं भला-मेरा घर भला ’’ जिसकी वजह से हमारी अन्तर्राष्ट्रीय पहचान ना सिर्फ गंदे भारतीय के तौर पर हैं बल्कि हमारे सम्मान पर भी एक अपमान की छाया हैं।

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स्वच्छता + भारत = स्वच्छ भारत

                          जब हम स्वच्छता और भारत का संधि-संच्छेद कर देते हैं तो हम पाते हैं, ’’ स्वच्छ भारत ’’। इस स्वच्छ भारत को यदि हम एक आंदोलन के तहत स्वीकार कर ले और अपना ले तो ये बन जाता हैं,’’ स्वच्छ भारत अभियान ’’।

स्वच्छ भारत अभियान का तात्पर्य हैं, भारत को स्वच्छ करने का अभियान। ना सिर्फ अपने घर के भीतर बल्कि जहां तक संभव हो सके वहां तक स्वच्छता का प्रसार करना।

Swachh Bharat Abhiyan Eassy in Hindi 2

स्वच्छ भारत अभियान की प्रासंगिकता-

स्वच्छ भारत अभियान किसी कारण या फिर प्रमाण की मोहताज नहीं हैं बल्कि ये हर भारतीय के भीरत सुलग रही स्वच्छता की वो ज्वाला हैं जिसकी तेज आभा से एक दिन पूरा भारत संवर जायेगा अर्थात् स्वच्छता के शिखर को प्राप्त करेंगा।

इसकी प्रासंगिकता को उजागर करने के लिए हम कुछ बिंदुओं का सहारा ले रहे हैं जो कि, इस प्रकार हैं-

  • हमारे देश में कोई भी ऐसी जगह नहीं है जहां पर कूड़ा करकट नहीं फैला हो। हमारे भारत देश के हर शहर, हर गांव, हर एक मोहल्ला, हर एक गली कूड़े-करकट और गंदगी से भरी पड़ी है।
  • हमारे देश के गाँवो में शौचालय नहीं होने के कारण के लोग आज भी खुले में शौच करने जाते हैं जिसके कारण हर जगह गंदगी फैलती है और यह गंदगी नई बीमारियों को आमंत्रण देती है।
  • हमारे आसपास के सभी नदी-नाले भी कचरे से इस तरह से रहते हैं जैसे कि पानी की जगह कचरा बह रहा हो।
  • इस कूड़ा करकट और गंदगी के कारण विदेश से लोग हमारे देश में आना कम ही पसंद करते हैं, जिसके कारण हमारे देश को आर्थिक नुकसान होता है।
  • इस कचरे के कारण हमारे साथ-साथ अन्य जीव जंतुओं को भी नुकसान होता है और साथ ही हमारी पृथ्वी भी प्रदूषित होती है।
  • (9) पूरे भारत में साफ-सफाई की सुविधा को विकसित करने के लिये निजी क्षेत्रों की हिस्सेदारी बढ़ाना।
  • (10) भारत को स्वच्छ और हरियाली युक्त बनाना।
  • (11) ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना।

उपरोक्त बिंदुओं के माध्यम से हमने इस अभियान की प्रासांगिकता को उजागर करने का प्रयास किया हैं।

स्वच्छ भारत अभियान का इतिहास

                            यह अभियान आधिकारिक रूप से 1999 से चला रहा है पहले इसका नाम ग्रामीण स्वच्छता अभियान था, लेकिन 1 अप्रैल 2012 को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस योजना में बदलाव करते हुए इस योजना का नाम निर्मल भारत अभियान रख दिया और बाद में सरकार ने इसका पुनर्गठन करते हुए इसका नाम पूर्ण स्वच्छता अभियान कर दिया था। स्वच्छ भारत अभियान के रूप में 24 सितंबर 2014 को केंद्रीय मंत्रिमंडल से इस को मंजूरी मिल गई।

स्वच्छ भारत अभियान की आधिकारीक तौर पर शुरुआत

स्वच्छ भारत अभियान का उद्घाटन माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने महात्मा गाँधी जी की 145 वीं जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर 2014 को किया।साफ-सफाई के संदर्भ में यह सबसे बड़ा अभियान है। क्योंकि गाँधी जी का सपना था कि हमारा देश भी विदेशों की तरह पूर्ण स्वस्थ और निर्मल दिखाई दे। इस बात को मध्य नजर रखते हुए प्रधानमंत्री जी ने उन्हीं के जन्मदिवस पर इस अभियान की शुरुआत दिल्ली के राजघाट से की थी।

स्वच्छता पर मोदी के विचार

                     स्वच्छता पर मोदी के विचारो को प्रस्तुत करने के लिए हम उन्ही के शब्दों का सहारा लेते हैं जो कि, इस तरह से हैं-

देश की सफाई एकमात्र सफाई-कर्मियों की जिम्मेदारी नहीं है,
क्या इस में नागरिकों की कोई भूमिका नहीं है, हमें इस मानसिकता को बदलना होगा।।

  • प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी( भारत )।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए दिल्ली कि वाल्मीकि बस्ती में सड़कों पर झाड़ू लगाई थी। जिससे देश के लोगों में यह जागरुकता आए कि अगर हमारे देश का प्रधानमंत्री देश को स्वच्छ करने के लिए सड़क पर झाड़ू लगा सकता है, तो हमें भी अपने देश को स्वच्छ रखने के लिए अपने आसपास सफाई रखनी होगी।

भारत की अस्वच्छता का कारण-

                        भारत की अस्वच्छता के कई कारण हैं जिनकी विस्तार से चर्चा नहीं कि जा सकती हैं पर आप उन कारणों से भली-भांति परिचित हैं फिर हम कुछ महत्वपूर्ण कारणों को उल्लेखित करने का प्रयास कर रहे हैं जो कि, इस प्रकार हैं-

भारत की अस्वच्छता

  1. अत्यधिक जनसंख्या,
  2. खुले में शौच,
  3. दूषित मानसिकता,
  4. घरों में शौचालयो का अभाव,
  5. गलत अवधारणों का प्रभुत्व,
  6. सार्वजनिक स्थल पर कचरा फैलना और शौचालयों का अभाव ,
  7. फैक्ट्री मालिको की लापरवाही और
  8. सरकार की इन तमाम कारणों को मौन स्वीकृति आदि।

उपरोक्त कारणों से हम समझ सकते हैं कि, भारत कोई आज ही गंदा नहीं हुआ हैं और इन्ही कारणों को देखते हुए हमें ऐसा लगता हैं कि, भारत एक दिन में स्वच्छ हो भी नहीं सकता, इसके लिए एक दीर्घकालीन योजना की जरुरत हैं जैसे-स्वच्छ भारत अभियान।

किन उद्धेश्यो को प्राप्त करेगी स्वच्छ भारत अभियान

                                      स्वच्छ भारत अभियान के द्धारा हम जिन उद्धेश्यो को प्राप्त करने की कोशिश करेंगे उनमें से कुछ इस प्रकार हैं-

  • इस अभियान का प्रथम उद्देश्य है कि देश का कोना-कोना साफ सुथरा हो।
  • लोगों को बाहर खुले में शौच करने से रोका जाए। जिसके तहत हर साल हजारों बच्चों की मौत हो जाती है.
  • भारत के हर शहर और ग्रामीण इलाकों के घरों में शौचालय का निर्माण करवाया जाए।
    शहर और गांव की प्रत्येक सड़क गली और मोहल्ले साफ-सुथरे हो।
  • हर एक गली में कम से कम एक कचरा पात्र आवश्यक रूप से लगाया जाए।
  • लगभग 11 करोड़ 11 लाख व्यक्तिगत, सामूहिक शौचालयों का निर्माण करवाना जिसमें 1 लाख 34 हजार करोड रुपए खर्च होंगे।
  • लोगों की मानसिकता को बदलना उचित स्वच्छता का उपयोग करके।

उपरोक्त बिंदुओं की सहायता से हमने ये प्रदर्शित करने का प्रयास किया हैं कि, हम किन उद्धेश्यो को प्राप्त करेंगे।

स्वच्छता के दो चरण

स्वच्छ भारत अभियान के तहत दो चरण तय किये गये हैं जो कि, इस प्रकार हैं-

  1. ग्रामीण स्तर पर स्वच्छ भारत अभियान

ग्रामीण स्तर पर स्वच्छ भारत अभियान

  • हमने देखा हैं कि जितनी तेजी से हमारे शहरों का विकास हुआ है, ग्रामीण क्षेत्र उतना ही पिछड़ा हुआ है हालांकि सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों को भी सुख सुविधा पूर्ण बनाने के लिए बहुत प्रयास किए हैं लेकिन उन योजनाओं का पूरा लाभ ग्रामीण क्षेत्रों में देखने को नहीं मिला है। इसलिए सरकार ने स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों को भी शामिल किया है।
  • ग्रामीण इलाकों में कचरे के प्रबंधन के लिए ग्रामीण लोगों को कचरे से  खाद कैसे बनाई जाए इसके बारे में बताया जाएगा और इस कचरे से बनी खाद के क्या लाभ हैं यह भी बताया जाएगा ताकि लोग अपने खेतों में इस तरह की खाद का उपयोग करें।
  •  इस अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 11 करोड़ 11 लाख शौचालय निर्मित करने की योजना है।
  •  इस अभियान को गांव के हर एक व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए स्कूल के शिक्षको, स्कूली छात्र छात्राओं और पंचायत समिति एवं ग्राम पंचायत को भी इस से जोड़ा जाएगा ताकि जल्द से जल्द लोगों में स्वच्छता के प्रति चेतना उत्पन्न हो।
  •  इस अभियान के तहत है ग्रामीण इलाकों के प्रत्येक घर में शौचालय बनवाने के लिए प्रत्येक घर पर 10000 रुपए आवंटित किए गए थे।
  • उपरोक्त तथ्यों के माध्यम से हमने ग्रामीण स्वच्छता अभियान का एक खांका खींचने का प्रयास किया हैं।
  1. शहरी स्तर पर स्वच्छ भारत अभियान

शहरी स्तर पर स्वच्छ भारत अभियान

स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत हमारे भारत के शहरों को साफ सुथरा रखने के लिए एक अलग से रणनीति बनाई गई है।

  •  शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ भारत मिशन का लक्ष्य हर नगर में ठोस कचरा प्रबंधन सहित लगभग सभी 1.04 करोड़ घरों को 2.6 लाख सार्वजनिक शौचालय, 2.5 लाख सामुदायिक शौचालय उपलब्ध कराना है।
  •  इस अभियान के तहत जहां पर सार्वजनिक शौचालय बनाना संभव नहीं है वहां पर सामुदायिक शौचालय बनवाए जाएंगे।
  •  शहरों के प्रमुख स्थान जैसे कि सार्वजनिक अस्पताल, बस स्टैंड, बैंक, पोस्ट ऑफिस, रेलवे स्टेशन, मुख्य बाजार, सरकारी कार्यालयों आदि के पास सार्वजनिक शौचालय बनाए जाएंगे।
  •  इस अभियान को सफल बनाने के लिए 62,009 करोड़ रुपयों का बजट बनाया गया है, जिसमें से 14,623 करोड़ रुपये केंद्र सरकार द्वारा इस अभियान में लगाए जाएंगे।
  •  हमारे देश में ठोस अपशिष्ट पदार्थ का कचरा बहुत ज्यादा उत्पन्न होता है उसके स्थाई समाधान के लिए 7,366 करोड़ लगाए जाएंगे।
  • उपरोक्त तथ्यों के माध्यम से हमने शहरी स्तर पर चलाये जा रहे स्वच्छ भारत अभियान का एक खाका खीचने की कोशिश की हैं।

भारत सरकार की नई पहल-स्वच्छ विद्यालय अभियान

भारत सरकार कि, इस नई पहल का नाम हैं,’’ स्वच्छ विद्यालय अभियान ’’। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधीन स्वच्छ भारत-स्वच्छ विद्यालय अभियान 25 सितंबर, 2014 से 31 अक्टूबर 2014 के बीच केंद्रीय विद्यालयों और नवोदय विद्यालय संगठन में आयोजित किया गया था। इस अभियान के अंतर्गत शिक्षकों और विद्यार्थियों को अपने विद्यालय में साफ सफाई रखनी थी। इसके अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों में विभिन्न प्रकार की गतिविधियां की गई जिनमें से कुछ इस प्रकार हैं – जिसके कुछ खास मूल बिंदु इस प्रकार हैं-

  • स्कूल कक्षाओं के दौरान प्रतिदिन बच्चों के साथ सफाई और स्वच्छता के विभिन्न पहलुओं पर विशेष रूप से महात्मा गांधी की स्वच्छता और अच्छे स्वास्थ्य से जुड़ीं शिक्षाओं के संबंध में बात करें।
  • कक्षा, प्रयोगशाला और पुस्तकालयों आदि की सफाई करना।
  • स्कूल में स्थापित किसी भी मूर्ति या स्कूल की स्थापना करने वाले व्यक्ति के योगदान के बारे में बात करना और इस मूर्तियों की सफाई करना।
  • शौचालयों और पीने के पानी वाले क्षेत्रों की सफाई करना।
  • रसोई और सामान ग्रह की सफाई करना।
  • खेल के मैदान की सफाई करना।
  • स्कूल के बगीचों का रख-रखाव और सफाई करना।
  • स्कूल भवनों का वार्षिक रख-रखाव रंगाई एवं पुताई के साथ।
  • निबंध, वाद-विवाद, चित्रकला, सफाई और स्वच्छता पर प्रतियोगिताओं का आयोजन।

उपरोक्त बिंदु, वे बिंदु हैं जो स्वच्छ विद्यालय अभियान के तहत अस्तित्व में लाये गये।

निष्कर्ष

     निष्कर्ष के तौर पर हम कह सकते हैं कि, स्वच्छ भारत अभियान एक व्यापक और दीर्घकालीन अभियान हैं जिसका मूल उद्धेश्य पूरे भारतवर्ष को स्वच्छ बनाना हैं ताकि हम अन्तर्राष्ट्रीय स्तर एक स्वच्छ पहचान प्राप्त कर सकें और घरेलू स्तर पर भी एक स्वस्थ पहचान के साथ-साथ एक स्वस्थ जीवन जी सकें।

 

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